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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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देश में बीटी बैंगन अभी नहीं प्रकाशित: Tue, 09 Feb 2010 at 17:29 IST (Abhishek Tandon) नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने फिलहाल बीटी बैंगन को देश में उगाने की अनुमति न देने का निर्णय लिया है।
राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं, जनता और विशेषज्ञों द्वारा उठाए गए सवालों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अनुवांशिक रूप से संशोधित बीटी बैंगन को देश में उगाने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘बीटी बैंगन पर सावधानी पूर्वक कदम बढ़ाना मेरी जिम्मेदारी है। इसके मानव शरीर पर दीर्घकालीक असर के बारे में अध्ययन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।‘ इससे पूर्व केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री जयराम रमेश इसे उगाने की पैरोकारी कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि बीटी बैंगन वो आम बैंगन होता है जिसके कुदरती ढांचे को साइंस की मदद से बदल दिया जाता है। इस बैंगन के जीनोम में बेसिलस थूरिंजीनेसिस यानि बीटी नाम का बैक्टीरिया मौजूद है जो इसे कीड़ों के हमले से बचाएगा,इसलिए इसे बीटी बैंगन कहा जा रहा है देश में फिलहाल बीटी कपास के अलावा दूसरी जेनेटिकली मॉडिफाइड यानि जीएम फसल को व्यावसायिक रुप से उगाने की इजाजत नहीं है पर बीटी बैंगन को बतौर सब्जी उगाने के लिए पहली बार देश की जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमिटी यानि जीईएसी ने हरी झंडी दे दी है। जीईएसी ने बीटी बैंगन को पर्यावरण के लिए नुकसानदेह नहीं माना है अब इसे सिर्फ सरकार की मंजूरी की दरकार है। अगर सरकार मंजूरी दे देती है तो बीटी बैंगन को उगाकर उसे मंडियों में लाया जा सकेगा। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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