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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
Upendra Rai
Ravi Vaish
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अब्दुल कदीर के मकान की जलापूर्ति रोकी गईं प्रकाशित: Tue, 09 Feb 2010 at 11:29 IST (Sanjay Srivastava) लाहौर। पाकिस्तान के बदनाम परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान ने एक अदालत को बताया कि सरकार ने न्यायालय के एक फैसले की आड़ में उनके पानी और चिकित्सा सेवा आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
खान के वकील सैयद अली जफर ने लाहौर उच्च न्यायालय की एक पीठ से कल कहा कि हालांकि उनके मुवक्किल पर लगी पाबंदियों में नरमी लाने के लिये अदालत में जिरह जारी है लेकिन इसके बावजूद सरकार ने खान को अपने घर से बाहर जाने, यहां तक कि गम्भीर रूप से बीमार अपने भाई को देखने के लिये जाने पर भी रोक लगा रखी है। जफर ने कहा कि खान के रिश्तेदारों और दोस्तों को भी उनसे मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसके अलावा सरकार ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए खान के मकान की जलापूर्ति रोक दी है और उनके डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्साकर्मियों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। जफर ने कहा कि इससे खान की सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। वकील ने आरोप लगाया कि यह सब उच्च न्यायालय के हाल के अंतरिम आदेश की आड़ में किया जा रहा है। उस आदेश में कोर्ट ने खान को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्रवाई खान के मौलिक अधिकारों का गम्भीर हनन है और हाल में पारित करते वक्त उच्च न्यायालय का ऐसा इरादा नहीं रहा होगा। जफर ने अदालत से कहा कि वह सरकार को खान की सुरक्षा शर्तों की अपने ढंग से व्याख्या न करने को कहे। पाकिस्तान सरकार ने खान के बेरोकटोक आने-जाने, लोगों से मिलने और राष्ट्रीय सुरक्षा के सिलसिले में मीडिया को साक्षात्कार देने पर रोक लगाने के लिये लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर रखी है। परमाणु प्रसार नेटवर्क चलाने की बात स्वीकार करने के बाद खान को वर्ष 2004 के शुरू में उनके घर में नजरबंद कर दिया गया था। पिछले साल सरकार और खान के बीच एक गुप्त सहमति के बाद अदालत ने परमाणु वैज्ञानिक पर लगी कुछ पाबंदियों में नरमी बरतने के निर्देश दिये थे। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |














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