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रूचिका मामले में बंद कमरे में कार्यवाही शुरू की जाए : कोर्ट



प्रकाशित: Mon, 08 Feb 2010 at 13:16 IST (Sanjay Srivastava)

 
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चंडीगढ़। यहां की एक स्थानीय अदालत ने आज हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौड़ की याचिका पर रूचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए।
राठौड़ ने याचिका में रूचिका मामले में अपने को सुनाई गई छह माह कैद की सजा के फैसले को चुनौती दी है।
बंद कमरे में कार्यवाही शुरू करने का फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजशेखर अत्री द्वारा किया गया जिन्होंने राठौड़ की याचिका पर पिछली बार सुनवाई के लिए आज से तीन दिन निर्धारित किए थे।
अत्री ने अदालत में मौजूद मीडियाकर्मियों से बाहर चले जाने को कहा ताकि वह बंद कमरे में कार्यवाही की शुरूआत कर सकें।
अदालत ने कक्ष के बाहर एक बोर्ड भी लगवा दिया जिसमें लिखा है कि मामले की बंद कमरे में सुनवाई हो रही है।

राठौड़ ने पिछले साल 21 दिसंबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जेएस संधु द्वारा इस मामले में खुद को सुनाई गई छह माह की कैद और एक हजार रुपए के जुर्माने के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है।
चौदह वर्षीय टेनिस खिलाड़ी रूचिका के साथ छेड़छाड़ की घटना अगस्त 1990 में हुई थी जिसने अपने परिवार को राठौड़ द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। सीबीआई ने अदालत से राठौड़ को अधिकतम दो साल कैद की सजा दिए जाने का आग्रह किया है। सीबीआई न्यायाधीश ने राठौड़ को रूचिका के साथ छेड़छाड़ के मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी को दोषी ठहराया था। राठौड़ द्वारा फैसले के खिलाफ 13 जनवरी को दायर की गई अपील स्वीकार कर लिए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

’क्रास’ अपीलों पर सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों याचिकाओं को सुनवाई के लिए एक साथ सूचीबद्ध कर दिया जिन पर आज से सुनवाई हो रही है।
राठौड़ और उनकी वकील पत्नी आभा शिकायतकर्ता मधु प्रकाश के पति आनंद प्रकाश और प्रकाश गिरहोत्रा के पारिवारिक वकील पंकज भारद्वाज अदालत कक्ष में मौजूद थे।
मधु प्रकाश रूचिका छेड़छाड़ मामले की चश्मदीद गवाह अनुराधा की मां हैं।
12 अगस्त 1990 को जिस समय रूचिका के साथ छेड़छाड़ हुई उस समय राठौड़ पुलिस महानिरीक्षक थे। बाद में वह पुलिस महानिदेशक बने और 2002 में सेवानिवृत्त हो गए।
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