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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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सौ वोट के अंतर से भी जीत सकते हैं प्रत्याशी प्रकाशित: Wed, 25 Mar 2009 at 15:27 IST (Ramesh Chandra) नयी दिल्ली। पिछला लोकसभा चुनाव के नतीजे कई लिहाज से दिलचस्प रहे। इसमें जहां कुछ उम्मीदवारों की जीत का अंतर एक सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया वहीं कुछ को कई लाख मतों से जीत हासिल हुई।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2004 में जनता दल युनाइटेड के लक्षद्वीप विधानसभा सीट के प्रत्याशी पी पूकुन्हिकोया ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के पीएम सईद को 71 वोटों से मात दी। सईद को 15 526 वोट मिले जबकि पूकुन्हिकोया को 15 597 वोट मिले। कम अंतर से जीत दर्ज करने वालों में दूसरा नाम भाजपा के बाबूभाई कटारा का रहा जिन्होंने गुजरात की दाहोद सीट 361 वोटों के अंतर से जीती। पिछले चुनावों में ये दो प्रत्याशी 500 से कम वोटों के अंतर से जीतने वाले रहे। वहीं 10 000 से कम वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले 40 से ज्यादा प्रत्याशी थे। ऐसे प्रत्याशियों में कानपुर से कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल, दक्षिण मुंबई से मिलिंद देवड़ा, बिहार के मुजफ्फरपुर के जनता दल युनाइटेड प्रत्याशी जार्ज फर्नांडीस और उप्र के आजमगढ़ से बसपा प्रत्याशी रमाकांत यादव शामिल हैं। वर्ष 2004 के चुनावों में 50 से ज्यादा ऐसे प्रत्याशी थे जो 196 000 वोटों से भी ज्यादा अंतर से जीते। इस चुनाव में सर्वाधिक अंतर का आंकड़ा 5 92 502 रहा। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग से सीपीएम प्रत्याशी अनिल बसु ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के स्वपन कुमार नंदी को 5.92 लाख वोट से शिकस्त दी। बसु को 7.44 लाख वोट मिले जबकि स्वपन को। 51 962 वोट मिले। दो लाख वोट के अंतर से जीतने वाले प्रत्याशियों में समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह, उनके पुत्र अखिलेश यादव, सीपीआई एम के सोमनाथ चटर्जी, कांग्रेस के राहुल गांधी, भाजपा के अटल बिहारी बाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और शिवराज सिंह चौहान, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और लोजपा के रामविलास पासवान शामिल थे। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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