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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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ब्याज दर में बढ़ोतरी की चिंता से बाजार में रहेगी उथल-पुथल प्रकाशित: Sun, 20 Dec 2009 at 12:18 IST (Jai Shanker Prasad Shukla) मुंबई। क्रिसमस के दौरान देश भर के शेयर बाजारों में निवेशकों की कारोबारी गतिविधियां कमजोर रहने के संकेत हैं और शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार होने की संभावना है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सौदों के घटते आकार और नकारात्मक खरीदारी धारणा के कारण बाजार में उतार चढ़ाव बने रहने के आसार है। नवंबर में मुद्रास्फीति दर के बढ़कर 4.78 प्रतिशत होने के बाद निवेशकों में यह आशंका घर कर गई कि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक सख्त मौद्रिक उपाय कर सकता है जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस आशंका के कारण 19 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश भर के प्रमुख शेयर बाजारों में गिरावट का रूख रहा और शेयर बाजार गिरावट का रूख प्रदर्शित करते बंद हुए। खाद्य मुद्रास्फीति के 19.95 प्रतिशत हो जाने के बाद बाजार में यह चिंता है कि रिजर्व बैंक जनवरी की अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले ही ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। अशिका स्टाक ब्रोकर्स के शोध प्रमुख पारस बोथरा ने कहा कि बाजार को मुद्रास्फीति दर के 4.1 से 4.2 प्रतिशत रहने की संभावना थी लेकिन मुद्रास्फीति का आंकड़ा एक झटके की तरह आया जिसके कारण बैंकिंग और रीअल्टी खंड के शेयरों में भारी गिरावट आई। ै जियोजित बीएनपी पारिबास फाइनेंशल सर्विसेज के प्रमुख शोधकर्ता एलेक्स मैथ्यू ने कहाै सप्ताह के दौरान शेयर बाजार स्थिर रहेंगे। आम तौर पर हर दिसंबर में विदेशी निवेशकों की लिवाली गतिविधियों के कमजोर पड़ने के कारण बाजार सुस्त रहता है। इस सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 17,275 अंक और 16,693.06 अंक के दायरे में घूमने के बाद अंत में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 399.20 अंक अथवा 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,719.83 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकारनेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 129.60 अंकों की गिरावट के साथ सप्ताहांत में 4,987.70 अंक पर बंद हुआ। मैथ्यू का मानना है कि छुट्टी के मौसम की शुरूआत हो रही है और विश्व स्तर पर गतिविधियां कमजोर रहने के कारण घरेलू बाजार में अधिक उत्साह नहीं दिखेगा। तथापि आगामी सप्ताह में वायदा एवं विकल्प खंड की समयसीमा की समाप्ति को देखते हुए बाजार में उतार चढ़ाव रहने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि कारोबारी अधिक चिंतित नहीं हैं और गिरावट का कारण क्रिसमस और नये साल से पहले की वष्रात की बिकवाली को मान रहे हैं। हाईटेक सिक्योरिटीज के निदेशक संजीव भामरी का मानना है कि निकट अवधि में बाजार अधिक दवाब का सामना कर सकता है लेकिन दीर्घावधि में तेजी की संभावना नजर आ रही है। भारतीय मुद्रा की तुलना में डालर की मजबूती से बाजार की अनिश्चितता बरकरार है। टारस म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक आर के गुप्ता ने कहा कि अगर आगे भी डालर में मजबूती आती है तो बाजार में आगे और गिरावट आ सकती है। ऐसी उम्मीद है कि शुक्रवार को अमेरिकी बाजार से सकारात्मक संकेत को देखते हुए सोमवार को भारतीय बाजार सकारात्मक रूख के साथ खुल सकता है। अमेरिका में आर्थिक सुधार के संकेत के बीच विकसित अर्थव्यवस्था से आउटसोर्स बढ़ने की उम्मीद के कारण हेल्थकेयर और आईटी शेयरों की अच्छी मांग रही। आलोच्य सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज : आरआईएल : के शेयर को करारा झटका लगा और इसमें 5.47 प्रतिशत की भारी गिरावट आई जिसने सेंसेक्स की गिरावट में महत्वपूर्ण योगदान किया।
सेंसेक्स आधारित शेयरों में एचडीएफसी बैंक में 6.64 प्रतिशतआरईएल काम में 6.51 प्रतिशतडीएलएफ में 6.39 प्रतिशतआईसीआईसीआई बैंक में 6.31 प्रतिशतस्टरलाईट इंडस्ट्रीज में 5.47 प्रतिशतएसबीआई में 5.33 प्रतिशतएचडीएफसी में 4.37 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 4.30 प्रतिशत की गिरावट आई। तथापि टाटा मोटर्सटाटा स्टीलइंफोसिस टेकटीसीएसविप्रोएसीसीमहिंद्रा एंड महिंद्रा और सन फार्मा में आई तेजी ने गिरावट को कुछ हद तक कम कर दिया। उधरकलकत्ता शेयर बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान कारोबारी गतिविधियों में सुस्ती दिखी और यहां लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के दौरान कलकत्ता शेयर सूचकांक 150.56 अंकों की गिरावट के साथ सप्ताहांत में 7,019.94 अंक पर बंद हुआ। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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