सदस्य बनिए


श्रीनगर में बंद के दौरान 18 पुलिसकर्मी सहित 70 घायल



प्रकाशित: Fri, 11 Dec 2009 at 21:33 IST (Jai Shanker Prasad Shukla)

 
मतदान करें
आईपीएल सीजन थ्री में कौन सी टीम होगी विजेता ?
मुंबई इंडियंस
कोलकाता नाइट राइडर्स
राजस्थान रॉयल्स
डेक्कन चार्जर्स
चेन्नई सुपर किंग्स
बैंगलोर रॉयल चैलेंजर
दिल्ली डेयर डेविल्स
किंग्स इलेवन पंजाब
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में सेना के कथित तौर पर अवैध तरीके से भूमि अधिग्रहित करने के विरोध में हुर्रियत के कट्टरपंथी नेताओं के बंद के आह्वान के दौरान आज भीषण संघर्ष में 18 पुलिसकर्मी सहित कम से कम 70 लोग घायल हो गये। अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष में 14 वर्षीय लड़के फैजान अहमद के साथ ही 10 छाया पत्रकार भी घायल हुए हैं। अहमद को मैसुमा में संघर्ष के दौरान आंत में गोली लगी। संघर्ष तब शुरू हुआ जब श्रीनगर में बंद के मद्देनजर लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने अपने नेतृत्व में एक जुलूस निकाला। प्रशासन ने इसके आयोजन स्थल को तड़के ही सील कर दिया था। अधिकारियों ने कहा कि ख्वाजा बाजार से शुरू हुआ जुलूस जैसे ही तीन किलोमीटर की यात्रा कर खानकाही मौला पहुंचा गिलानी के लोगों को संबोधित करने के लिये एक वाहन पर चढ़ने से पहले पुलिस ने विरोध प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज शुरू कर दिया। गुस्साये युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके चलते पुलिस और अर्धसैनिक बलों को और लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागे गये। अधिकारियों ने कहा कि यहां हुए संघर्ष में 11 पुलिसकर्मी सहित कम से कम 30 लोग घायल हो गये। अधिकारियों ने कहा कि शहर के अधिकतर हिस्सों में बाद में हुए संघर्ष में सात पुलिसकर्मी सहित 35 अन्य घायल हो गये। पुलिस ने स्थिति सामान्य करने के लिये हवाई फायर किया आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया। उन्होंने कहा कि श्रीनगर से 55 किलोमीटर दूर बारामूला जिले में हिंसक संघर्ष में पांच और लोग घायल हो गये। शोपियां जिले में भी पुलिस और नाराज युवकों के बीच संघर्ष हुआ। पुलिस कार्रवाई को गिलानी पर हत्या के इरादे से किया गया हमला करार देते हुए हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के प्रवक्ता अयाज अकबर ने कहा वरिष्ठ अलगाववादी नेता को रास्ते से हटाने की कई कोशिशों के सिलसिले में यह ताजा घटना है। हम उन पर हत्या के इरादे से हुए हमले की पुरजोर निंदा करते हैं। गिलानी ने सेना वापस भेजने के लिये गत 26 अक्तूबर से अभियान छेड़ रखा है। गत शुक्रवार बंद के आह्वान के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिये गिलानी दो दिन भूमिगत रहे।
- - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - -