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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
Upendra Rai
Ravi Vaish
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बच्चों का रोना नींद में नहीं सुन पाते पुरूष प्रकाशित: Mon, 30 Nov 2009 at 18:58 IST (Ramesh Chandra) अगर आप सोचती हैं कि आपका बच्चा जब मध्य रात्रि में रोता है तो आपके पति रोने की आवाज सुनकर भी सोने का बहाना कर लेटे रहते हैं तो ऐसा नहीं है क्योंकि एक नये अध्ययन से पता चला है कि पुरूषों को नींद में बच्चे के रोने की आवाज सचमुच में सुनाई नहीं पड़ती है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि महिलाएं अगर दिन भर के कामकाज के बाद बेहद थकी भीं हों तो अपने बच्चे की रोने की आवाज तुरंत सुन लेती है। बल्कि बच्चे के रोने की आवाज अन्य आवाजों की तुलना में उनके कान तक ज्यादा जल्दी पहुंचती है। लेकिन पुरूषों की वरीयता क्रम की सूची में यह आवाज दसवें स्थान पर भी नहीं आता है। पुरूषों के लिए गाड़ी की आवाज,एलार्म बेल, तेज आवाज करती हुई हवाएं और कानों के पास गुनगुनाती मक्खी की आवाज अधिक प्रभावशाली होती है। जाने-माने मनोवैज्ञानिक डा. डेविड लुइस ने अपने अध्ययन में उपरोक्त तथ्यों को उजागर किया है। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |














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