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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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नींद में अक्सर जागने वाले बच्चों को अस्थमा का खतरा प्रकाशित: Thu, 26 Nov 2009 at 21:58 IST (Sunil Sharma) लंदन। रात में सोते समय अक्सर जागने वाले बच्चों को अस्थमा होने का खतरा ज्यादा होता है।
आस्ट्रेलिया और कनाडा के अनुसंधानकर्ताओं के एक दल ने पाया कि एक सप्ताह में रात में सोने के दौरान दो या अधिक बार जागने वाले तीन साल के बच्चों को अस्थमा होने की आशंका दोगुनी होती है। इस खोज ने उन विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है जो पहले मानते थे कि नींद के तौर तरीकों और अस्थमा के बीच सिर्फ यह संबंध है कि नींद में घरघराहट के कारण बच्चे जाग जाते हैं। कनाडा के अलबर्टा विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग की विशेषज्ञ अनिता कोजिरस्कीयीज ने कहा, ‘‘नींद के घंटों में कमी के कारण बच्चों को मोटापे होता है, इस बारे में हमें जानकारी थी लेकिन पहली बार हमें पता चला है कि अस्थमा की शुरूआत नींद के टूटने से होती है।’’ - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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