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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार कल ! प्रकाशित: Tue, 27 Oct 2009 at 15:06 IST (Sanjay Srivastava) भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार कल किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कल शाम को राज भवन जाकर प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर से लगभग आधे घंटे की मूलाकात की और इसमें मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा की गई। इधर भाजपा सूत्रों ने बताया कि विस्तार में 9-10 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है हालांकि अबकी बार जो लोग पहली बार विधायक चुने गए है उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें अपवाद स्वरुप केवल सरताज सिंह और नीता पटेरिया हो सकते है क्योंकि यह दोनों विधायक बनने के पहले लोकसभा के सदस्य रहे हैं। जिन विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है उनके नामों की चर्चा शिवराज सिंह चौहान, मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और भाजपा के संगठन महासचिव माखन सिंह के बीच हुई बैठकों में की गई। जिन नामों पर चर्चा की गई उनमें अजय विश्नोई, नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, विजय शाह, हरेन्द्रर जीत सिंह बब्बू, मोती कश्यप और अन्तर सिंह आर्य शामिल हैं। अन्य विधायक जिनके नामों पर बात हुई उनमें रावदेश राज, हितेन्द्र सिंह सोलंकी, ओमप्रकाश सखलेचा, प्रेम नारायण ठाकुर और शांकरलाल तिवारी शामिल हैं। रिजर्व बैंक ने चलाया मुद्रास्फीति पर नकदी का चाबुक मुंबई, रिजर्व बैंक, मुद्रास्फीति मुंबई। रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति का बढ़ता दबाव सताने लगा है और इससे निपटने के लिए उसने वाणिज्यिक बैंकों के पास ऋण देने योग्य नकदी पर अंकुश लगाने के उपाय के तहत सांविधिक जमा अनुपात (एसएलआर) एक फीसद बढ़ाकर 25 फीसद कर दिया है। एसएलआर के तहत बैंकों को अपने पास की जमा राशि का निर्धारित न्यूनतम हिस्सा अनिवार्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियों में लगाना होता है। हालांकि एसएलआर में एक फीसदी की बढ़ोतरी से बैंकिग प्रणाली से 30,000 करोड़ रुपए रिजर्व बैंक के पास पहुंच जाते हैं पर इस समय बैंकों का औसत एसएलआर औसतन 27.6 फीसद है। इसे देखते हुए ब्याज दरों पर दबाव की संभावना कम दिखती है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की नीतिगत समीक्षा जारी करते हुए आरबीआई ने आज एसएलआर को छोड़ कर अपनी सभी प्रमुख नीतिगत दरों और अनुपातों को पहले के स्तर पर बनाए रखा है। केंद्रीय बैंक ने सीआरआर (बैंक जमाओं का वह हिस्सा जो रिजर्व बैंक के नियंत्रण में रहता है) रेपो (आरबीआई की अल्पकालिक ऋण ब्याज दर) और रिवर्स रेपो (बैंकों से ली गयी अल्पकालिक नकदी पर देय ब्याज दर) को क्रमश: 5.0 प्रतिशत 4.75 प्रतिशत और 3.25 प्रतिशत के पहले के स्तर पर बनाए रखा है। रिजर्व बैंक ने बैंक दर (बैंकों को दिए जाने वाले दीर्घकालिक ऋण पर ब्याज) को भी 6 प्रतिशत के पूर्व स्तर पर बरकरार रखा है। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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