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सपा-कांग्रेस रिश्तों की कुर्बानी का दिन:अमर



प्रकाशित: Wed, 14 Oct 2009 at 19:48 IST (Ramesh Chandra)

 
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फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर उप चुनाव को कांग्रेस और सपा के बीच ‘धर्मयुद्ध' करार देते हुए आज यहां कहा कि आज का दिन सपा और कांग्रेस के रिश्तों की कुर्बानी का दिन है।
श्री सिंह ने इस सीट पर सपा उम्मीदवार डिम्पल यादव के नामांकन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा किजब वामपंथी कांग्रेस का चीर हरण कर रहे थे, तब मुलायम सिंह यादव ने कृष्ण की तरह कांग्रेस की इज्जत बचायी थी। आज उसी कांग्रेस ने उनकी पुत्रवधू (डिम्पल) के खिलाफ सपा के गद्दार (राजबब्बर) को मुकाबले में खड़ा कर दिया। सपा महासचिव ने कहा कि राज बब्बर के बारे में मैं यह जरुर याद दिलाऊंगा कि मुलायम सिंह यादव ने उन्हें तीन बार संसद भेजा। अखिलेश जिन्हें कभी ‘चाचा चाचा' कहा करते थे, वही व्यक्ति आज डिम्पल के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है। सिंह ने इसी क्रम में राजबब्बर पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की भूख इंसान को गद्दार बना देती है। उन्होंने आज ही वहां कांग्रेस उम्मीदवार राजबब्बर का नामांकन करवाने पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह पर भी तीखे प्रहार करते हुए कहा कि जब वह अपने गृह राज्य मध्यप्रदेश में कुछ नहीं कर पाये तो वह यहां क्या कर पायेंगे।
उन्होंने परमाणु मुद्दे पर कांग्रेस का साथ देने की बात बार-बार दोहरायी और ताने के अंदाज में कहा कि अगर कांग्रेसी कह दें कि मुलायम और अमर ने उनकी इज्जत नहीं बचायी तो हम मैदान से हट जायेंगे। फिरोजाबाद लोकसभा सीट से डिम्पल को उम्मीदवार बनाये जाने की वजह बताते हुए सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने यह सीट भारी मन से छोड़ी थी, कारण कि यहां की जनता नहीं चाहती थी कि वह यहां से इस्तीफा दें। उनका इस्तीफा संवैधानिक मजबूरी थी क्योंकि वह कन्नौज सीट से भी चुन लिए गये थे। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव और रामगोपाल यादव डिम्पल को चुनाव मैदान में उतारने के पक्ष में नही थे, मगर मैने दबाव डालकर डिम्पल को चुनाव लड़ाने के लिए उन्हें मजबूर किया। उन्होंने कहा कि हमने डिम्पल को चुनाव लड़ाने का फैसला इसलिए किया कि जो लोग अखिलेश के इस्तीफे से दु:खी हैं, उन्हें उनकी ‘अर्धागिनी' के चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की उपस्थिति का एहसास होगा।
श्री सिंह ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि हम अपने घर की इज्जत आपके हवाले कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आप अपना आशीर्वाद और सहयोग देकर उसकी रक्षा करेंगे।
परिवारवाद के आरोपों को खारिज करते हुए अमर सिंह ने सोनिया, प्रियंका, राहुल और महाराष्ट्र में बाला साहेब ठाकरे तथा तमिलनाडू में करुणानिधि के राजनीतिक परिवारों का उल्लेख करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आप करें तो ठीक, हम करें तो गलत। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के दलितों के घर जाने और वहां रात में ठहरने का उल्लेख करते हुए सपा महासचिव ने कहा कि कलावती के घर सोने से गरीबों दलितों का भला नही होगा, विदर्भ के किसानों का क्या भला हुआ है। उन्होंने गांधी जयंती के दिन कांग्रेस नेताओं के दलित बस्तियों में जाने और वहां सहभोज आयोजित करने की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेसी तम्बू बम्बू और कनात गाड़कर पिकनिक मनाने गये थे।
यह कहते हुए कि दलित वह है जिसे अवसर नहीं मिला, उन्होने कहा कि मै लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को दलित नहीं मानता, क्योंकि दलित केवल वह है जिसे आगे बढ़ने का अवसर न मिला हो। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को दलितो और पिछड़ो की स्थिति सुधारने के लिए सकारात्मक प्रयास करने की सलाह देते हुए कहा कि वह स्वयं ऐसे सौ परिवारों का जिम्मा अपने ऊपर लेंगे। उन्होंने मायावती सरकार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि नोएडा में 685 करोड़ रुपये का व्यय दिखाया गया है, जबकि खर्च कुल 50 करोड़ से ज्यादा नही हुआ है।
जनसभा को डिम्पल यादव ने भी संबोधित किया और फिरोजाबाद की जनता के प्रति पूर्ण समर्पण से काम करने का आश्वासन देते हुए कहा कि उन्होने चार अक्टूबर को यहां हुई रैली में जनता से मिली इजाजत के बाद ही नामांकन किया है।
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