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सईद के खिलाफ आतंकवाद के दो मामले खारिज



प्रकाशित: Mon, 12 Oct 2009 at 16:54 IST (Ramesh Chandra)

 
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लाहौर।पाकिस्तान की एक अदालत ने जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ आतंकवाद निरोधक अधिनयम के तहत दर्ज किए गए दो मामले आज खारिज करने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि सईद के खिलाफ आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता क्योंकि देश में उसके संगठन पर प्रतिबंध नहीं है। सईद पर वर्ष 2008 में हुए मुंबई बम हमलों की साजिश रचने का आरोप है। लाहौर उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने सईद की पिछले माह दाखिल की गई एक याचिका के जवाब में यह आदेश दिया।
पंजाब प्रांत के फैसलाबाद शहर की पुलिस ने सईद के खिलाफ आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की थीं जिसे सईद ने पिछले माह याचिका दायर कर चुनौती दी थी। पुलिस ने सईद पर अगस्त में फैसलाबाद में दिए गए भाषण के दौरान गैर मुस्लिमों के खिलाफ जेहाद छेड़ने के लिए लोगों को उकसाने और जमात उद दावा के लिए धन मांगने के आरोप में दोनों प्राथमिकी दर्ज की थी।
बहरहाल, न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा और नजामुज जमान ने कहा कि आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जमात उद दावा शामिल नहीं है इसलिए सईद के खिलाफ इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। अदालत ने सईद की याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली और उसके खिलाफ दर्ज दोनों प्राथमिकी खारिज करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान पंजाब प्रांत के वकील ने कहा कि जेयूडी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल नहीं है। वकील ने कहा कि जेयूडी को पिछले साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा एक आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद सरकार की निगरानी सूची में सिर्फ शामिल किया गया था।
सईद के वकील ए के डोगर ने अदालत में कहा कि उसका मुवक्किल कानून का पालन करने वाला नागरिक है। उसने कहा कि न तो सईद और न ही जेयूडी किसी गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त है।
सईद ने याचिका में यह भी आरोप लगाया कि भारत द्वारा पाकिस्तान पर डाले जा रहे दबाव के कारण उसके खिलाफ दोनों प्राथमिकी दर्ज की गई।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले साल जेयूडी पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके बाद सईद को नजरबंद कर दिया गया था। जून में लाहौर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उसे रिहा कर दिया गया। सईद प्रतिबंधित लश्कर ए तैयबा का संस्थापक भी है।
गृहमंत्री रहमान मलिक ने कई बार कहा कि जेयूडी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस बारे में अब तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
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