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वसुंधरा आज देंगी इस्तीफा !



प्रकाशित: Mon, 31 Aug 2009 at 12:19 IST (Sonika Srivastava)

 
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नयी दिल्ली। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष की नेता वसुंधरा राजे आज दिल्ली पहुंच गई हैं। इस दौरान वह संघ और भाजपा के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगी।
दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू सहित कई केन्द्रीय नेताओं से मिलने का कार्यक्रम है।
उम्मीद जताई जा रही है कि वसुंधरा आज शाम अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर सकती हैं।
इससे पूर्व उन्होंने दिल्ली में अपने निवास पर समर्थकों की एक बैठक भी बुला रखी है। वसुंधरा रविवार को दोपहर 1.15 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए सड़क मार्ग से रवाना हुईं। उनके साथ सांसद दुष्यंतसिंह भी गए हैं।
जबकि भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामपाल जाट, पूर्व मंत्री दिगंबरसिंह, राजेन्द्र राठौड़, रोहिताश्व शर्मा, राधेश्याम गंगानगर, भवानीसिंह राजावत बाद में अलग से दिल्ली पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूरा राजस्थान अकाल की छाया में है। सरकार ने अभी तक राहत कार्य नहीं खोले हैं। बिजली की व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। वे राजस्थान की जनता के दु:ख दर्द में हमेशा साथ रहेंगी।
गौरतलब है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने नर्म रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी का जो भी आदेश होगा वह उसे मानेंगी।
वसुंधरा राजे ने कहा कि उनके ऊपर कोई दवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी का जो आदेश होगा वह उसे मानेंगी।
गौरतलब है कि राजस्थान में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए वसुंधरा राजे को जिम्मेदार ठहराते हुए पार्टी ने उन्हें विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने को कहा था।
राजे ने पार्टी का फैसला मानने से पहले अपनी तीन मांगें रखी थीं। वह चाहती हैं कि राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता उनकी पसंद का हो और उनके दो समर्थकों का निलंबन वापस लिया जाए। राजे की तीसरी मांग है कि उन्हें दिल्ली में कोई ओहदा मिले।
इससे पहले भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में पार्टी की पराजय के बाद राजे से विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने के लिए कहा था। लेकिन राजे ने इंकार कर दिया था जिससे पार्टी में संकट उत्पन्न हो गया था। राजे वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू से मिलेंगी जिन्हें भाजपा की राजस्थान ईकाई का संकट दूर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने 28 अगस्त को राजे को नायडू से मिलने राजधानी बुलाया था। तब राजे ने भाजपा के प्रति निष्ठा जताते हुए कहा था कि वह पार्टी की एक अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है। राज्य में पार्टी के 78 विधायकों में से 70 के समर्थन का दावा करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा था कि पार्टी का संकट दूर करने के लिए वह यथाशीघ्र बातचीत करने के लिए कहा था।
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