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(मुखाकृति वेबदैनिकी)
ranvijay singh
Upendra Rai
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मुद्दे उठाने को लेकर राज्यसभा में भ्रम प्रकाशित: Tue, 24 Feb 2009 at 15:02 IST (Ravish Kumar) नयी दिल्ली। राज्यसभा में आज शून्यकाल में अन्नाद्रमुक के एक सदस्य को को मुद्दा उठाने की इजाजत देने के मामले में भ्रम की स्थिति बन जाने के कारण बैठक को दस मिनट स्थगित करना पड़ा जबकि इसी दौरान अन्नाद्रमुक और द्रमुक के सदस्यों के बीच वाक्युद्ध छिड़ गया।
शून्यकाल में जैसे ही उप सभापति के रहमान खान ने अन्नाद्रमुक के मलयस्वामी को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा तो उन्होंने आसन का ध्यान दिलाया कि उन्होंने शून्यकाल के लिए दो नोटिस दिये थे। इनमें एक नोटिस आज उठाने वाले मुद्दे के लिए था और दूसरा बुधवार के लिए था। मलयस्वामी ने कहा कि आज उठाने वाला मुद्दा तमिलनाडु में वकीलों के आंदोलन के कारण राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होना है लेकिन सभापति ने इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी और राज्यसभा सचिवालय की गलती के कारण उन्हें कल उठाये जाने वाले मुद्दे को आज उठाने के लिए कहा जा रहा है। उप सभापति ने मलयस्वामी को तमिलनाडु से जुड़ा मुद्दा नहीं उठाने दिया और कहा कि वह इस बात की जांच करेंगे कि क्या सचिवालय की ओर से गड़बड़ी हुई है। लेकिन अन्नाद्रमुक सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे। इसी बीच द्रमुक के सदस्यों ने तमिलनाडु का मुद्दा उठाने का विरोध शुरू कर दिया। मार्क्सवादी वृंदा करात और भाजपा के एस एस अहलुवालिया सहित कई सदस्यों ने जब उप सभापति से कहा कि सचिवालय की गलती के कारण सदस्य को मुद्दा उठाने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद रहमान ने करीब 12 बजकर 25 मिनट पर सदन की बैठक दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। दस मिनट बाद बैठक जब फिर शुरू हुई तो सदन में कामकाज सामान्य रूप से चलने लगा और उप सभापति ने मलयस्वामी को सूचित किया कि उनके मुद्दे पर विचार किया जा रहा है। - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - |













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