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मोहब्बत में रूमानियत घोलता वैलेंटाइन डे



प्रकाशित: Wed, 11 Feb 2009 at 11:36 IST (Ramesh Chandra)

रूमानियत को अपने अंदाज में परोसने वाला बालीवुड वैलेंटाइन डे यानी प्यार के इजहार के दिन से भला कैसे अछूता रह सकता है। यही कारण है कि फिल्मों में इजहार ए मोहब्बत के इसी दिन शाहरूख खान ने कहा कि दिल तो पागल र्हैं तो अमिताभ बच्चन भी यह कहने से नहीं चूके कि चली इश्क की हवा चली।
रूपहले पर्दे पर अपने दिल की बात कहने के लिये वैलेंटाइन डे का सहारा लेते सितारे युवाओं के प्रेरणास्रोत बन जाते हैं। हाथ में गुलाब या कार्ड लिये कोई लड़का जब किसी को अपना वैलेंटाइन बनाने के लिये प्रपोज करता है तो उसके जेहन में कहीं न कहीं किसी सितारे का अक्स जरूर उभरता है।
फिल्मों में वैलेंटाइन डे के दृश्य डालने के पीछे एक बड़ा कारण युवाओं को लुभाना है। यही कारण रहा कि दिल तो पागल र्हैं बागबार्नं और मोहब्बतें जैसी फिल्मों में इस दिन से जुड़े दृश्य डाले गये।
फिल्मों में रूमानियत पेश करने के मामले में बादशाह यश चोपड़ा की दिल तो पागल र्हैं की नायिका माधुरी दीक्षित वैलेंटाइन डे की रात बारह बजे अपने सपनों के जीवनसाथी से मिलने का इंतजार करती है। फिल्म में आसमान से जोड़ियां तय होने का फलसफा मानने वाली झूमती गातीं माधुरी को घड़ी की सुइयां मिलने से पहले शाहरूख नजर आते हैं तो वैलेंटाइन डे से युवाओं की नजदीकी और बढ़ जाती है। फिल्मों को वैलेंटाइन सप्ताह में प्रदर्शित करने का चलन भी शुरू हुआ है। पिछले साल आशुतोष गोवारीकर की तिक रोशन और ऐश्वर्या राय अभिनीत फिल्म जोधा अकबर ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी।
इस बार 13 फरवरी को बिल्लू बारबर सिनेमाघरों में होगी। इसमें शाहरुख खान का धन लगा है। लारा दत्ता तथा इरफान खान इसमें मुख्य किरदार में हैं।
यशराज फिल्म्स के मध्य भारत सर्किट के वितरक किशोर भुराड़िया कहते हैं फिल्मों में हर त्यौहार में ग्लैमर का रंग मिलाने का चलन बढ़ रहा है। नये दौर की फिल्मों में इसकी शुरुआत दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे से हुई थी जिसमें करवाचौथ से जुड़े महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माये गये थे।
उन्होंने कहा फिल्मों में विवाहितों की प्रेम कहानी में करवाचौथ और अविवाहितों के बीच प्यार के इजहार के लिये वैलेंटाइन डे के दृश्य डाले जा रहे हैं। इसके पीछे बाजार एक बड़ी वजह है। मीडिया भी फिल्मों में दिखाये जाने वाले त्यौहारों के दृश्यों को भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ता। ग्रीटिंग कार्ड और फूलों का कारोबार भी इस दिन से जुड़ा है। मुंबई के वरिष्ठ स्वतंत्र फिल्म समीकक्ष ज्योति वेंकटेश ने कहा फिल्मों से वैलेंटाइन डे को जोड़ने की कोशिशें पहले नहीं होती थीं लेकिन बाजार ने इस दिन को महत्वपूर्ण बना दिया है। दूसरा पहलू यह है कि बालीवुड के सितारों ने व्यक्तिगत जीवन में इस दिन को अहमियत दी है।
वेंकटेश ने कहा बालीवुड के कई चर्चित युगल वैलेंटाइन डे पर साथ नजर आते हैं। संजय दत्त जैसे कुछ अभिनेताओं ने शादी के लिये भी यह दिन चुना है।
वह बताते हैं बीते कुछ वर्षों में वैलेंटाइन डे के आसपास प्रदर्शित हुई फिल्मों में पिछले साल आयी जोधा अकबर्रं ही हिट रही है। इस बार नजरें बिल्लू बारबर पर है।
वर्ष 1999 और 2000 में दाग दि फायर, पुकार और बादल जैसी फिल्में वैलेंटाइन सप्ताह में प्रदर्शित हुईं और इनका प्रदर्शन औसत या उससे थोड़ा ठीक रहा। लेकिन इसके बाद 2002 में आयी अभिषेक बच्चन करिश्मा कपूर और अक्षय कुमार अभिनीत हां मैंने भी प्यार किया कुछ खास नहीं कर पायी।
इसी तरह 2004 में वैलेंटाइन डे के आसपास प्रदर्शित हुई रूद्राक्ष
बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर पड़ी। 2006 में आयी लव इन जापान और मिक्स्ड डबल्स तथा 2007 में अमिताभ बच्चन, शर्मिला टैगोर, सैफ अली खान और विद्या बालन अभिनीत एकलव्य दि रॉयल गार्ड भी हिट फिल्मों की फेहरिस्त में शुमार नहीं हो सकीं।
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