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मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा



प्रकाशित: Wed, 11 Feb 2009 at 13:51 IST (Ramesh Chandra)

भारतीय शास्त्रीय संगीत के पुरोधा स्वर शिल्पी पंडित भीमसेन जोशी का नाम लेते ही आज भी उनका गाया गीत मिले सुर मेरा तुम्हारा जहन में आ जाता है।
पंडित भीमसेन जोशी 87 ने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किराना घराने की गायकी को नयी बुलंदी पर पहुंचाया और ह्म्दय को छू लेने वाली उनकी गायिकी में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विविधता भी नजर आती है जिसमें उन्होंने दूसरे घरानों की बंदिशों को लेकर अपनी एक अलग शैली विकसित की।
पंडित भीमसेन जोशी को कई सम्मानों से नवाजा गया जिसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं।
किराना घराने के शास्त्रीय गायक द्वारा वर्ष 1988 में लता मंगेशकर और बालमुरली कृष्णा के साथ गाये गीत भारत रार्गं ने लाखों लोगों के ह्म्दय में राष्ट्रीय गीत की तरह ही अपनी जगह बना ली थी और आज भी लोग उसे याद करते हैं।
शास्त्रीय गायक दिवंगत पंडित पी. वैद्यनाथन और लुई बैंक्स द्वारा संगीतबद्ध मिले सुर मेरा तुम्हारा गीत ने दूरदर्शन के छोटे पर्दे को अचानक नयी ऊचाई पर पहुंचा दिया था।
पंडित भीमसेन जोशी का जन्म कन्नाडिगा परिवार में कर्नाटक के धारवाड़ जिले के गादाग में चार फरवरी 1922 को हुआ था। उनके पिता स्कूल शिक्षक थे। किराना घराने की गायिकी को बुलंदी पर पहुंचाने वाले पंडित जोशी को उनके गाये भजनों और ख्याल गायिकी के लिए जाना जाता है। 1933 में केवल 11 वर्ष की उम्र में भीमसेन ने गुरू शिष्य परंपरा के जरिये गायिकी सीखने के लिए घर छोड़ दिया। उन्होंने अच्छे गुरू की तलाश में ग्वालियर लखनउु और रामपुर में तीन साल बिताये।
युवावस्था में ही वह किराना घराने के शास्त्रीय गायक अब्दुल करीम खान से प्रभावित थे और 10 से 12 साल की उम्र तक उनके शिष्य भी रहे। इसके बाद उन्होंने पंडित रामभान कुंडगोलकर के सानिध्य में गायिकी सीखनी शुरू की जिन्हें स्वामी गंधर्व कुंडगोल के नाम से भी जाना जाता है। वह 1936 से 1940 तक स्वामी गंधर्व के पास रहे।
पंडित जोशी की सहज प्रस्तुति के पीछे कठिन रियाज है। उन्होंने केवल 19 साल की उम्र में पहली प्रस्तुति दी। केवल 20 साल की उम्र में उनके गाये भक्ति गीतों का कन्नड़ और हिन्दी में एल्बम आया। 1986 में उनकी पहली प्लेटिनम डिस्क आयी।
अपने गुरू की याद में वह हर साल दिसंबर में पुणे में स्वामी गंधर्व शास्त्रीय संगीत समारोह आयोजित करते हैं।

भारत रत्न सम्मानित हस्तियों की सूची
1. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1954
2. चक्रवर्ती राजगोपालाचारी 1954
3. सी वी रमन 1954
4. भगवान दास 1955
5. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया 1955
6. जवाहर लाल नेहरू 1955
7. गोविन्द बल्लभ पंत 1957
8. डी के कर्वे 1958
9. डा. बी सी राय 1961
10. पुरूषोत्तम दास टंडन 1961
11. डा. राजेन्द्र प्रसाद 1962
12. डा. जाकिर हुसैन 1963
13. पांडुरंग वामन काणे 1963
14. लाल बहादुर शास्त्री 1966
15. इंदिरा गांधी 1971
16. वी वी गिरी 1975
17. के कामराज 1976
18. मदर टेरेसा 1980
19. आचार्य विनोबा भावे 1983
20. खान अब्दुल गफ्फार खान 1987
21. एम जी रामचंद्रन 1988
22. बी आर अंबेडकर 1990
23. नेल्सन मंडेला 1990
24. राजीव गांधी 1991
25. सरदार वल्लभ भाई पटेल 1991
26. मोरारजी देसाई 1991
27. मौलाना अबुल कलाम आजाद 1992
28. जे आर डी टाटा 1992
29. सत्यजीत राय 1992
30. एपीजे अब्दुल कलाम 1997
31. गुलजारी लाल नंदा 1997
32. अरूणा आसफ अली 1997
33. एम एस सुब्बुलक्ष्मी 1998
34. सी. सुब्रमणयम 1998
35. जयप्रकाश नारायण 1998
36. पंडित रविशंकर 1999
37. अमर्त्य सेन 1999
38. गोपीनाथ बारदोलोई 1999
39. लता मंगेशकर 2001
40. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान 2001
41. पंडित भीमसेन जोशी 2008
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